गया जी वैदिक सेवा

नारायण बलि पूजा

नारायण बलि पूजा

नारायण बलि पूजा क्या है?

नारायण बलि पूजा उन आत्माओं की शांति हेतु संपन्न की जाती है जिनकी मृत्यु दुर्घटना, आत्महत्या, डूबने, अग्निकांड अथवा किसी अन्य अकाल कारण से हुई हो। ऐसी आत्माएं सामान्य श्राद्ध कर्म से तृप्त नहीं होतीं और प्रेतयोनि में भटकती रहती हैं।

इस विशेष अनुष्ठान में भगवान नारायण की पूजा सहित बलि विधान संपन्न कर आत्मा को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाई जाती है तथा उसे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर किया जाता है।

नारायण बलि पूजा गया जी में ही क्यों?

गया जी की प्रेतशिला पहाड़ी को अकाल मृत्यु प्राप्त आत्माओं की मुक्ति हेतु सर्वाधिक पावन स्थान माना गया है। यहां भगवान विष्णु के नारायण स्वरूप की पूजा कर बलि अर्पण करने से आत्मा को शीघ्र शांति एवं मुक्ति प्राप्त होती है।

शास्त्रों में वर्णित है कि प्रेतशिला पर संपन्न नारायण बलि पूजा से परिवार भी उस आत्मा से जुड़े नकारात्मक प्रभावों से मुक्त होता है और घर में सुख-शांति लौट आती है।

इस सेवा में क्या-क्या शामिल है?

प्रेतशिला पहाड़ी पर पूजा व्यवस्था नारायण पूजन एवं बलि विधान सामग्री विशेष मंत्रोच्चार पंडित जी की व्यक्तिगत उपस्थिति ब्राह्मण भोज सहयोग

पूजा प्रक्रिया

1

संकल्प

दिवंगत आत्मा के नाम एवं मृत्यु के कारण सहित संकल्प लिया जाता है।

2

नारायण पूजन

भगवान नारायण की विशेष पूजा-अर्चना एवं मंत्र जाप किया जाता है।

3

बलि विधान

शास्त्रोक्त विधि से बलि अर्पण कर आत्मा को मुक्ति दिलाई जाती है।

संबंधित प्रश्न

यह पूजा किसी भी शुभ तिथि पर करवाई जा सकती है, विशेषकर अकाल मृत्यु के कुछ समय बाद इसे करवाना अत्यंत लाभदायक माना जाता है।

जी हां, अनेक परिवार पिंड दान एवं तर्पण के साथ ही नारायण बलि पूजा भी संपन्न करवाते हैं, हमारी टीम इसकी संपूर्ण योजना बना देती है।
पूजा शुल्क
₹9,100 / परिवार
  • अनुभवी गयावाल पंडित द्वारा संपन्न
  • संपूर्ण पूजन सामग्री शामिल
  • विष्णुपद मंदिर के निकट व्यवस्था
  • हिंदी एवं अंग्रेजी मार्गदर्शन

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