गया जी वैदिक सेवा

श्राद्ध (गया जी)

श्राद्ध (गया जी)

श्राद्ध (गया जी) क्या है?

श्राद्ध एक व्यापक वैदिक अनुष्ठान है जो दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु संपन्न किया जाता है। इसमें मंत्रोच्चार, पिंड दान, तर्पण एवं ब्राह्मण भोज सम्मिलित होते हैं।

शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान अथवा परिजन की मृत्यु तिथि (श्राद्ध तिथि) पर नियमित रूप से श्राद्ध करना प्रत्येक हिंदू परिवार का धार्मिक कर्तव्य माना गया है।

गया जी में श्राद्ध का विशेष महत्व

गया जी को समस्त श्राद्ध स्थलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यहां संपन्न श्राद्ध कर्म से पितरों को स्थायी तृप्ति एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है, जो अन्य स्थानों की तुलना में कहीं अधिक फलदायी माना जाता है।

विशेष रूप से पितृ पक्ष के दौरान गया जी में श्राद्ध करने से संपूर्ण वंश परंपरा के पितरों को तृप्ति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद सदैव बना रहता है।

इस सेवा में क्या-क्या शामिल है?

संपूर्ण श्राद्ध पूजन सामग्री पिंड दान एवं तर्पण सहित ब्राह्मण भोज व्यवस्था मंत्रोच्चार एवं संकल्प विधि पंडित जी का व्यक्तिगत मार्गदर्शन

पूजा प्रक्रिया

1

संकल्प

श्राद्ध तिथि एवं पूर्वज के नाम सहित पवित्र संकल्प लिया जाता है।

2

पिंड दान एवं तर्पण

शास्त्रोक्त विधि से पिंड अर्पण एवं जल तर्पण संपन्न होता है।

3

ब्राह्मण भोज

ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा सहित श्राद्ध कर्म पूर्ण किया जाता है।

संबंधित प्रश्न

परिजन की मृत्यु तिथि (हिंदी तिथि अनुसार) पर श्राद्ध करना सर्वोत्तम माना जाता है, इसके अतिरिक्त पितृ पक्ष के दौरान भी श्राद्ध किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करना शास्त्र सम्मत माना गया है, हमारी टीम इसकी संपूर्ण विधि बता देगी।
पूजा शुल्क
₹5,100 / परिवार
  • अनुभवी गयावाल पंडित द्वारा संपन्न
  • संपूर्ण पूजन सामग्री शामिल
  • विष्णुपद मंदिर के निकट व्यवस्था
  • हिंदी एवं अंग्रेजी मार्गदर्शन

आज ही अपनी श्राद्ध (गया जी) बुक करें

हमारी टीम से सीधे बात करें और गया जी में पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजा संपन्न करवाएं